आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने यूट्यूब पर संसद की सुरक्षा के पुराने वीडियो के साथ-साथ आपस में सुरक्षित चैट करने का तरीका भी सीखा। जहां से इन्हें सिग्नल एप के बारे में जानकारी मिली और यह सभी आपस में इसी एप के जरिए बात करते थे ताकि पकड़े न जाएं।
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