नई मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर पी रविशंकर ने निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आगाह किया है। क्रिप्टोक्यूरेंसी तकनीक को सरकारी विनियमन और एक नियंत्रित वित्तीय प्रणाली से बचने के साधन के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में डिजिटल मुद्रा की शुरुआत पर निर्णय निजी क्रिप्टोकुरेंसी और आरबीआई द्वारा अनुमोदित डिजिटल मुद्रा पर विचारों के आदान-प्रदान के बाद ही लिया जाएगा। क्रिप्टोक्यूरेंसी वित्तीय अखंडता का उल्लंघन है और इसमें ग्राहक की जानकारी की पारदर्शिता का अभाव है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल असामाजिक गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में आरबीआई गवर्नर शातिकांत दास ने हाल ही में उपभोक्ताओं और निवेशकों को सतर्क रहने की चुनौती दी थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर 30% टैक्स लगाएगी।
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